
सेक्रेटरी की अनुपस्थिति से चार ग्राम पंचायतों का कामकाज ठप, जांच शुरू, स्पष्टीकरण के लिए तलब
मीरजापुर। विकासखंड सिटी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लोहंदी खुर्द, लोहंदी कला, राजापुर और गोपालपुर के ग्रामीणों तथा कुछ ग्राम प्रधानों ने पंचायत सचिव विजय प्रताप पर नियमित रूप से कार्यालय एवं ग्राम पंचायतों में उपस्थित न रहने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास संबंधी अभिलेखों सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें कई-कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन सचिव से मुलाकात नहीं हो पाती। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार जिन ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सचिव को सौंपी गई है, वहां प्रशासनिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पंचायत स्तर के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी देरी हो रही है। आरोप है कि कई बार मोबाइल फोन पर भी संपर्क नहीं हो पाता, जिससे समस्याएं और बढ़ जाती हैं। कुछ ग्राम प्रधानों ने भी सचिव की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई गांवों की जिम्मेदारी होने के बावजूद उनकी अनुपलब्धता से पंचायतों का नियमित संचालन प्रभावित हो रहा है।
इस संबंध में जब पत्रकार वीरेंद्र गुप्ता ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राम उदय यादव से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच बैठा दी गई है तथा पंचायत सचिव विजय प्रताप को तलब कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सिटी मुनेश सिंह ने भी स्वीकार किया कि सचिव विजय प्रताप के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बार उनके द्वारा स्वयं संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। बीडीओ ने कहा कि सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की जा रही है और नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।













